पाठ पढ़ाते समय में सहायक होने वाले ऑडियो तथा वीडियो का विवरण
छात्रों एवं पोशाकों का दूर भाषा द्वारा संपर्क किया हुआ विवरण
दूर भाषा तथा वीडियो कॉल द्वारा संपर्क किए गए सहोध्योगी के नाम तथा चर्चित विवरण
आठवीं नौवीं दसवीं कक्षा के लिए बनाए गए सेतुबंध शिक्षण की योजना की विवरण
घर से ही किए गए कार्य कुशलता बढ़ाने हेतु 400 शब्दों में एक लिखिए
9)कोविड-19 ऐसी परिस्थिति में बच्चों की योग्यता बढ़ाने के लिए आपके द्वारा दी गई सलाह और सूचनाए
पाठ पढ़ाते समय या भोजन कार्य में सहायक होने वाले ऑडियो तथा वीडियो का विवरण
प्रति पाठ के लिए तैयार किया हुआ इकाई योजना
घटक का योजनाएं का विवरण आठवीं कक्षा
ग्रह कार्य कार्यप्रणाली असाइनमेंट-3
छात्रों एवं पोशाकों को दूर भाषा द्वारा संपर्क किया हुआ विवरण
कर प्रणाली
कार्य प्रणाली -4पाठ अध्यापन के सहायक करीब 10 पाटोपकरण
कार्य प्रणाली -6
ज्ञानार्जन के लिए शक्तियों को दूर भाषा द्वारा संपर्क किया हुआ विवरण
कार्य प्रणाली -07
सेतुबंध शिक्षा के बारे में तैयार किए गए संशोधनों की सूचना
कार्य प्रणाली-8 अध्यापन विषय से संबंधित तैयार किए गए कुट प्रश्न
कार्य प्रणाली-09
गृह द्वारा कार्य के प्रयुक्त वृत्ति कौशल को बढ़ाने के संबंध में 400 शब्दों का लेख
कोरोना (COVID-19) महामारी के इस विषम संदर्भ में दुनिया के सभी देशों के कार्य निरस्त हो
चुके हैं। भारत में भी कुछ आपतकालीन सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी कार्य या विभाग, सेवाएँ निरस्त हो
चुके हैं। अब शिक्षा विभाग भी अनिश्चित काल तक निरस्त हो चुका है। विरामकालीन विभाग होने के नाते
| शिक्षा विभाग अब सुदीर्घ दिनों तक बंद हो चुका है। घर बैठे-बैठे शिक्षाकर्मी, अध्यापक और छात्रों को मन
ही मन घृणा का भाव पैदा हो रहा है। लेकिन इस विषम संदर्भ में भी अध्यापक गण घर बैठे-बैठे अंतर्जाल
द्वारा अपने वृत्ति संबंधी नये-नये तकनीक अपना सकते हैं। जैसे : NCERT,DSERT, NROER,
| Meghashala, DIKSHA, ePathashala आदि बहुत सारे शिक्षा को लेकर के अंतर्जाल वेबसाइट हैं।
| इनके द्वारा अध्यापक गण अपनी वृत्ति से जुड़े अनेक नवीन विधान और तकनीक को देखते हुए, अपना वृत्ति
कौशल का विकास कर सकते हैं। हर वर्ष की भाग-दौड़ में इतना समय तो नहीं मिलता था, अब समय बहुत
| है और नवीन तकनीकें भी हमारे अनुकूल हैं। इतना ही नहीं सुलभ और आसान तरीके से हाथों से बनाये
| जानेवाले पाठोपकरणों को भी बनाये जा सकते हैं। भाषा संबंधी चार्ट, आलेख, चित्र तथा व्याकरण संबंधी
उपकरण बनाये जा सकते हैं।
Youtube जैसा वेबसाइट अध्यापक गण के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हुआ है। इसमें पाठ्यक्रम
| संबंधी और परीक्षा संबंधी बहुत सारे वीडियो उपलब्ध हैं। इसके साथ Google Meet, Microsoft
Teams, Webex Meet, Zoom App ste Online Meeting App SRT GET TO 3T32148 Tot
| एक-दूसरे से जुड़कर शिक्षा संबंधी विचारों पर सालह-मशवरा कर सकते हैं। हमारे यहाँ क्षेत्र शिक्षा विभाग
| द्वारा विषय संबंधी अध्यापकों का whatsapp समूह बनया गया है, इसके द्वार प्रतिदिन Online
Meeting होते रहते हैं। अंत में इतना ही है कि आजकल असंभव कुछ भी नहीं है बस संकल्प और लगन की
जरूरत है। दुनिया में कुछ ही ऐसे वृत्तियाँ हैं, जो समाज और देश की उन्नती के लिए सदा सेवा रत रहते हैं।
| उनमें अध्यापन भी एक है। अध्यापन वृत्ति भारत में सबसे उच्चस्तर की वृत्ति मानी जाती है। इसलिए इस
| वृत्ति की पवित्रता को बनाये रखना हमारा कर्तव्य और सामाजिक दायित्व भी है।
कार्य प्रणाली-10
कोविड-19 सूक्ष्माणु का फैलाव के इस विषम संदर्भ में छात्रों की अध्ययनशीलता को उत्कृष्ट बनाने के
(अध्ययन प्रक्रिया में सदा भाग लेने के लिए) सुझाव एवं कार्यतंत्र सूची
कोविड-19 सूक्ष्माणु का फैलाव के इस विषम संदर्भ में छात्रों की अध्ययनशीलता को उत्कृष्ट बनाने
के लिए सुझाव एवं कार्यतंत्र को अपना कर इस विषम समय में भी छात्रों को पढ़ाई-लिखाई में लगा सकते
हैं। कोविड-19 महामारी से बचने के उपाय को अपना कर घर पर ही अभ्यास कर सकते हैं।
सुझाव :-
1. गत वर्ष का हिंदी पुस्तक में से शब्द रचना, अर्थ और प्रयोग पर अभ्यास करना।
2. वाक्य रचना और प्रकार पर अभ्यास करना।
3. लिखावट शुध्दता के लिए प्रतिदिन एक पृष्ट सुलेख लिखना।
4. प्रतिदिन बीस शब्दों को लिखकर उनका अर्थ एवं प्रयोग वाक्यों में करना।
5. प्रतिदिन बीस क्रिया शब्दों को लिखकर अर्थ समझना और वाक्य में प्रयोग करना।
कार्यतंत्र :-
1. शुध्द लिखावट के लिए पहले बिना मात्रावाले शब्दों का अभ्यास करना। इसके लिए पुस्तक में से ऐसे
| शब्द ढूँढकर लिखना। उसी तरह मात्रावाले शब्द और संयुक्त शब्दों की रचना करना।
2. शिरोरेखा पर ध्यान देना और लिखते समय शिरोरेखा लगाने का अभ्यास करना। इसके साथ अक्षर
साफ-सुथरा एवं सुंदर हो इस पर भी ध्यान देना।
3. स्पष्टता से पढ़ने के लिए बारहखड़ी का अभ्यास करना। बाद में बिना मात्रावाले शब्दों को पहचानकर
| पड़ना और उसके बाद मात्रावाले और संयुक्त शब्द।
4. व्याकरण में से पाठ्यक्रमानुसार व्याकरण तत्वों पर अभ्यास करना, जो पुस्तक में अभ्यास के रूप में
रहते हैं।
5. हर सप्ताह के अंत में स्व-मूल्यांकन करना और पत्र-लेखन और एक विषय पर निबंध लिखना।
6. Youtube, ePathashala, दूरदर्शन पर प्रसारित होनेवाले पाठ्यक्रम संबंधी कार्यक्रम का सदुपयोग
कर सकते हैं।
7. Youtube में पाठ्यक्रम संबंधी कई वीडियो मिल जाएँगे, उनको देखते हुए अंत में टिप्पणी कर लेना
| बहुत ही लाभाकरी सिध्द होगी।
विषय शिक्षक:-दिलीप कुमार हुगार
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